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  • मोटर यान अधिनियम १९८८ धारा ४१ : रजिस्ट्रीकरण कैसे होना है : १) मोटर यान के स्वामी द्वारा या उसकी और से रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन ऐसे प्ररूप में होगा और उसके साथ ऐसी द्स्तावेजें, विशिष्टियां और जानकारी दी हुई होंगी और वह ऐसी अवधि के भीतर किया जाएगा जो…
  • मोटर यान अधिनियम १९८८ धारा ४० : रजिस्ट्रीकरण कहां किया जाना है : धारा ४२, धारा ४३ और धारा ६० के उपबंधों के अधीन रहते हुए, प्रत्येक मोटर यान का स्वामी यान को उस १.(राज्य में कोई रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी) प्राधिकारी से रजिस्टर करवाएगा जिसकी अधिकारिता में…
  • मोटर यान अधिनियम १९८८ अध्याय ४ : मोटर यानों का रजिस्ट्रीकरण : धारा ३९ : रजिस्ट्रीकरण की आवश्यकता : किसी सार्वजनिक स्थान में अथवा किसी अन्य स्थान में किसी मोटर यान को कोई व्यक्ति तभी चलाएगा और कोई मोटर यान का स्वामी तभी चलवाएगा या चलाने की अनुज्ञा देगा…
  • मोटर यान अधिनियम १९८८ धारा ३८ : राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति : १) राज्य सरकार इस अध्याय के उपबंधों को कार्यान्वित करने के प्रयोजन के लिए नियम बना सकेगी । २) पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियमों में निम्नलिखित के लिए…
  • मोटर यान अधिनियम १९८८ धारा ३७ : व्यावृत्तियां : यदि मंजिली गाडी के (चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो ) कंडक्टर के रूप में कार्य करने के लिए कोई अनुज्ञप्ति किसी राज्य में दी जाती है और वह इस अधिनियम के प्रारंभ से तुरंत पूर्व प्रभावी है, तो ऐसे प्रारंभ के…